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WhatsApp का नया फीचर: अब दूसरे ऐप्स के यूजर्स से भी कर सकेंगे चैट, आरत्ताई (Arattai) ऐप के साथ शुरू हुआ टेस्ट

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mohammad Hamid

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11 Nov 2025 | NewsInTick


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Introduction


मेटा (Meta) की स्वामित्व वाली मैसेजिंग ऐप WhatsApp लगातार अपने यूज़र्स के लिए नए फीचर्स लेकर आती रहती है। लेकिन इस बार कंपनी कुछ ऐसा करने जा रही है जो पूरी Digital Communication Industry को बदल सकता है। हाल ही में WhatsApp ने Cross-Messaging फीचर का परीक्षण शुरू किया है — एक ऐसा सिस्टम जो अलग-अलग चैट ऐप्स के बीच संदेश भेजने की सुविधा देगा। इस फीचर का पहला ट्रायल भारत में ही शुरू हुआ है, और खास बात यह है कि WhatsApp ने इसे जोहो (Zoho) के संस्थापक श्रीधर Sridhar Vembu के स्वदेशी मैसेजिंग ऐप आरत्ताई (Arattai) के साथ टेस्ट करना शुरू किया है।


क्या है यह Cross-Messaging फीचर ?


अब तक WhatsApp यूजर्स केवल उसी प्लेटफॉर्म के दूसरे यूजर्स से बात कर सकते थे। लेकिन Cross-Messaging फीचर आने के बाद यह सीमितता खत्म हो जाएगी।


इस फीचर के माध्यम से एक व्हाट्सएप यूजर सीधे किसी Arattai User को मैसेज भेज सकेगा — भले ही वह WhatsApp पर न हो।


यह कदम यूरोपीय यूनियन (EU) के डिजिटल मार्केट्स एक्ट (Digital Markets Act) के तहत उठाया गया है, जिसमें बड़े टेक प्लेटफॉर्म्स को ‘Interoperability’ यानी एक-दूसरे से जुड़ने की सुविधा देने का निर्देश दिया गया है।


भारत के लिए क्यों है यह फीचर खास


भारत दुनिया का सबसे बड़ा WhatsApp यूजर बेस रखता है, और साथ ही यह देश ‘Made in india’ ऐप्स को भी तेजी से अपना रहा है। ऐसे में Arattai जैसे भारतीय ऐप के साथ इस फीचर का टेस्ट होना एक बड़ा कदम है। इससे न केवल भारत में Digital Self-Reliance को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि यह भी साबित होगा कि भारतीय ऐप्स Global level की तकनीकों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चल सकते हैं।


Zoho के संस्थापक श्रीधर वेम्बू लंबे समय से यह कहते आ रहे हैं कि भारत को अपनी तकनीकी स्वतंत्रता की दिशा में काम करना चाहिए, और यह सहयोग उसी दिशा में एक अहम पहल के रूप में देखा जा रहा है।


फीचर कैसे काम करेगा ?


Report के मुताबिक, जब यह फीचर पूरी तरह रोलआउट होगा, तब यूजर्स को chat window में एक नया option दिखाई देगा — “थर्ड-पार्टी चैट्स (Third-Party Chats)”।

यहां से वे किसी अन्य ऐप (जैसे आरत्ताई, टेलीग्राम या सिग्नल) के यूजर को मैसेज भेज सकेंगे।

इसके लिए कंपनी एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन को बरकरार रखते हुए नया प्रोटोकॉल इस्तेमाल कर रही है ताकि सुरक्षा से कोई समझौता न हो।


Security और Privacy का सवाल


क्रॉस-मैसेजिंग की सबसे बड़ी चुनौती है — डाटा सिक्योरिटी और प्राइवेसी।

WhatsApp का दावा है कि यह फीचर लागू होने के बाद भी सभी message End-to-end encryption से सुरक्षित रहेंगे।

हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि अलग-अलग ऐप्स के सर्वर और डाटा पॉलिसी अलग होती हैं, इसलिए यह देखना दिलचस्प होगा कि व्हाट्सएप इस संतुलन को कैसे बनाए रखता है।


इसका भविष्य क्या है ?


अगर यह फीचर सफल रहा, तो भविष्य में आप अपने व्हाट्सएप से किसी भी ऐप यूजर को मैसेज भेज पाएंगे — चाहे वह आरत्ताई हो, टेलीग्राम हो या फिर कोई और स्थानीय ऐप।

यह कदम टेक्नोलॉजी की दुनिया में ‘One-World Communication System ’ की ओर बढ़ता हुआ कदम माना जा रहा है, जहां यूजर्स को अलग-अलग ऐप्स में switch करने की जरूरत नहीं पड़ेगी।


निष्कर्ष


व्हाट्सएप और आरत्ताई का यह सहयोग भारत की टेक इंडस्ट्री के लिए एक ऐतिहासिक मोड़ साबित हो सकता है।

यह न केवल डिजिटल आत्मनिर्भरता की दिशा में एक बड़ा कदम है, बल्कि यह भी दिखाता है कि भविष्य में मैसेजिंग का अनुभव कैसा हो सकता है — खुला, सुरक्षित और सीमाओं से परे।

अगर यह प्रयोग सफल होता है, तो यह न सिर्फ भारत बल्कि पूरी दुनिया के लिए कम्युनिकेशन के नए युग की शुरुआत होगी।